इंदौर के जिम ट्रेनर ने दिया जानलेवा स्टेरॉयड: युवक के प्राइवेट पार्ट में तकलीफ;

इंदौर में बॉडी बनाने के नाम पर जिम ट्रेनर द्वारा लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। जिसके बाद पुलिस ने MIG इलाके के दो ट्रेनर्स के खिलाफ केस दर्ज किया है। उन्होंने जिम में आने वाले युवक को स्टेमिना बढ़ाने और वेट गेन करने के लिए इंजेक्शन दिए थे। जिससे युवक को प्राइवेट पार्ट में दर्द होने लगा। पुलिस ने आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। इस मामले में जिम संचालक सोनू खान को भी हिरासत में लिया गया है।

एजाज ने बताया कि वह कुछ महीनों से जिम जा रहा था। जहां के ट्रेनर शफीक और रईस ने उसे वजन और स्टेमिना बढ़ाने के नाम पर मेफ्टरमिन इंजेक्शन दिए थे। जिसे लेने से उसे यूरिन में जलन होने लगी, साथ ही तेज दर्द होने लगा । इस मामले में जब उसने डॉक्टर को बताया, तो उन्होंने इंजेक्शन से रिएक्शन होने की बात कही।

पुलिस ने जांच में माना कि सोनू और उसका भाई रईस खान डॉक्टर नहीं है। इसके बाद भी उन्होंने ऐसे इंजेक्शनों का इस्तेमाल किया जो पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी इंजेक्शन के बदले एक से पांच हजार रुपए तक वसूलते थे। पुलिस ने मामले में खाली इंजेक्शन की वायल भी जब्त करते हुए सोनू को हिरासत में लिया है। इस मामले में दूसरे आरोपी रईस खान की तलाश की जा रही है।

कुछ दिन पहले बाणगंगा की 32 साल की शादीशुदा महिला ने भी सोनू के खिलाफ शिकायत की थी । महिला ने बताया था कि वह तीन साल से जिम जा रही थी । कुछ समय तक वह जिम में वर्क आउट करती रही । इस दौरान सोनू ने इंजेक्शन लेकर स्टेमिना बढ़ाने के लिए कहा । जब महिला ने इंजेक्शन लगाया तो उसके शरीर में कुछ इंफेक्शन हुए । इसके बाद पैरों में भी परेशानी होने लगी। साथ ही पानी निकलने लगा ।

इस मामले में जिम ट्रेनर राधे कुमावत ने बताया कि जल्दी बॉडी बनाने लिए इस तरह का स्टेरॉयड सप्लीमेंट लेना पूरी तरह से हानिकारक है । इस तरह के सप्लीमेंट से लिवर और हार्ट में परेशानी हो सकती है । बॉडी बनाने के लिए पनीर और फल आदि का इस्तेमाल ही बेहतर है। बॉडी बनाने का प्रॉपर कोर्स होता है । जिसमें कई तरह के सप्लीमेंट कंसल्टेंट द्वारा दिए जाते हैं, लेकिन शहर के 80 प्रतिशत जिम में इनका इस्तेमाल बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह पर होता है । यह पायरेसी जैसा है । कुछ जिम लीगल तरह से चल रहे हैं । जहां इस तरह के सप्लीमेंट को लेकर रोक है।